Home अन्य सफलता की कहानी

सफलता की कहानी

43
0

शाला प्रवेशोत्सव से शिक्षा को मिली नई उड़ान
37 बंद विद्यालय फिर से खुले, बच्चों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व में प्रदेश में प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के उद्देश्य से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बीजापुर जिले में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव ने शिक्षा के क्षेत्र में नई उम्मीद जगाई। इस अवसर पर सांसद श्री महेश कश्यप की उपस्थिति में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया गया और लंबे समय से बंद पड़े 37 विद्यालयों का पुनः संचालन शुरू किया गया।
नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत
एजुकेशन सिटी में आयोजित कार्यक्रम में सांसद श्री महेश कश्यप ने बच्चों को तिलक लगाकर, पुष्प भेंट कर तथा अध्ययन सामग्री प्रदान कर विद्यालय परिवार में स्वागत किया। विद्यार्थियों को निःशुल्क गणवेश, स्कूल बैग और अन्य शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की गई। इससे बच्चों में नए उत्साह के साथ शिक्षा की शुरुआत हुई।
37 विद्यालयों के पुनः संचालन से गांवों में लौटी शिक्षा
शाला प्रवेशोत्सव का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण जिले के 37 बंद विद्यालयों का पुनः संचालन रहा। इससे दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को अब अपने गांव या आसपास ही शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को फिर से विद्यालय से जोड़ने का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है।
मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षकों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले विद्यार्थियों तथा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों का उत्साह बढ़ा तथा बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिली।
शिक्षा से ही बनेगा विकसित समाज
सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि शिक्षा समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे मजबूत नींव है। केंद्र और राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने और शिक्षकों से पूरी निष्ठा के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का आग्रह किया।
हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने का संकल्प
जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता चौबे ने कहा कि जिला प्रशासन हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा ने विशेष रूप से बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए सभी अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील की।
शासकीय पहल से बदल रही शिक्षा की तस्वीर
शाला प्रवेशोत्सव और 37 विद्यालयों के पुनः संचालन से यह स्पष्ट है कि शासन की शिक्षा संबंधी योजनाएं दूरस्थ क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं। यह पहल न केवल बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ रही है, बल्कि जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समान अवसर और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव भी तैयार कर रही है।

Previous articleविकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) का गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में शुभारंभ
Next articleChief Minister Shri Vishnu Deo Sai attends the oath-taking ceremony of new elected officials of Bamhanidih Nagar Panchayat