थीम 2 “कैच द रेन” के राष्ट्रीय सत्र की समापन प्रस्तुति छत्तीसगढ़ करेगा उप मुख्यमंत्री देंगे प्रस्तुति
समापन सत्र में प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में देशभर के राज्यों के जल-विमर्श का समाहार रखेंगे मुख्यमंत्री
नई दिल्ली/रायपुर। जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 1-2 सितंबर 2026 को सुषमा स्वराज भवन, नई दिल्ली में आयोजित हो रहे विभागीय शिखर सम्मेलन में छत्तीसगढ़ को दोहरा गौरव प्राप्त हुआ है। देश के सभी राज्यों के जल संसाधन मंत्रियों एवं सचिवों की उपस्थिति वाले इस राष्ट्रीय सम्मेलन में थीम 2 “कैच द रेन” (जल संचय जन भागीदारी) क राष्ट्रीय सत्र की समापन प्रस्तुति का दायित्व छत्तीसगढ़ को सौंपा गया है, और समापन (Valedictory) सत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की गरिमामयी उपस्थिति में इस थीम पर देशभर के विचार-मंथन का समाहार प्रस्तुत करने का सम्मान छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री जी को दिया गया है।
सम्मेलन के दूसरे दिन थीम 2 के राष्ट्रीय सत्र में मुख्यमंत्री द्वारा नामित उप मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ की 30 मिनट की समापन प्रस्तुति देंगे, जिसमें राज्य की जल संचय की कार्य-संस्कृति, नवाचार और जन भागीदारी के मॉडल देश के समक्ष रखे जाएंगे। उसी सायं समापन सत्र में मुख्यमंत्री , प्रधानमंत्री एवं देशभर के मंत्रीगण सचिवगण के समक्ष थीम 2 के सर्व-सहमत, समयबद्ध कार्य बिंदु प्रस्तुत करेंगे।
माननीय प्रधानमंत्री जी के “जल जहां गिरे, जब गिरे वहीं संचित करें” (Catch the Rain, 2021) आह्वान से प्रारंभ हुआ जल संचय अभियान आज विश्व का सबसे बड़ा जन नेतृत्व वाला जल संरक्षण आंदोलन बन चुका है। जल संचय जन भागीदारी के प्रथम चरण में 10 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध 27.6 लाख संरचनाएं बनीं, द्वितीय चरण में 1 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध 1.5 करोड़ से अधिक संरचनाएं दर्ज हुईं, और अब 31 मई 2027 तक 2 करोड़ नई संरचनाओं का राष्ट्रीय लक्ष्य है।
इस राष्ट्रीय आंदोलन में छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्यों में है। JSJB 2.0 के अंतर्गत राज्य में 24.07 लाख से अधिक जल संरक्षण संरचनाएं दर्ज की गई हैं। कोरिया जिले से प्रारंभ छत्तीसगढ़ का “5% मॉडल” जिसमें किसान स्वेच्छा से अपनी 5% भूमि जल-पुनर्भरण संरचनाओं हेतु समर्पित करते हैं- जल शक्ति मंत्रालय के राष्ट्रीय दस्तावेज़ में स्थान पा चुका है, और “मोर गांव मोर पानी” जैसे अभियानों ने पंचायत-स्तर पर जल-योजना को जन-परंपरा बना दिया है।
यह राष्ट्रीय दायित्व माननीय प्रधानमंत्री जी के समग्र नेतृत्व में चल रहे जल आंदोलन में छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन जल संसाधन विभाग की कार्य-संस्कृति और प्रदेश की जन भागीदारी की राष्ट्रीय स्वीकृति है।
मुख्यमंत्री ने कहा “यह छत्तीसगढ़ के हर उस हाथ का सम्मान है, जिसने अपने गांव में पानी रोका है। प्रधानमंत्री के’ कैच द रेन आह्वान को हमारे किसानों, महिलाओं और युवाओं ने जन आंदोलन बना दिया राष्ट्रीय मंच पर हम उन्हीं की आवाज़ लेकर जा रहे हैं। विकसित भारत 2047 की राह जल- सुरक्षित भारत से होकर जाती है, और छत्तीसगढ़ इस यात्रा में कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा है।”
सम्मेलन में जल अधोसंरचना, पेयजल स्रोत स्थायित्व एवं ग्रामीण पेयजल संचालन संधारण विषयक तीन अन्य थीमों पर भी राज्यों की प्रस्तुतियां होंगी।



