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महिला सशक्तिकरण से विकसित छत्तीसगढ़ का सपना होगा साकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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महिलाओं को योजनाओं की लाभार्थी ही नहीं, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में नेतृत्वकर्ता बनाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री श्री साय

शाइनिंग छत्तीसगढ़ ‘शक्ति स्वरूपा’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री, विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं का किया सम्मान

महतारी वंदन योजना से 68 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक संबल, 32 किस्तों में 20700 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता

लक्ष्य से आगे बढ़कर 14 लाख ग्रामीण महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’, स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही मातृशक्ति

बस्तर में नक्सल हिंसा से बंद 421 स्कूल फिर शुरू, बेटियों की शिक्षा और सुरक्षित भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता

रायपुर,  अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है और महिला सशक्तिकरण विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का मजबूत आधार है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, रोजगार, उद्यमिता और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। हमारा लक्ष्य महिलाओं को केवल शासकीय योजनाओं का लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि परिवार, समाज और प्रदेश की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार और नेतृत्वकर्ता बनाना है।

मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर में हिंदी खबर द्वारा आयोजित शाइनिंग छत्तीसगढ़ ‘शक्ति स्वरूपा’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली महिलाओं का सम्मान किया और उनसे संवाद भी किया।

मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में नारी को शक्ति स्वरूपा माना गया है। नवरात्रि मातृशक्ति की आराधना का महापर्व है। हमारी परंपरा में कहा गया है कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मां के संघर्ष और संस्कारों ने सिखाया सेवा और संवेदनशीलता का महत्व

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने जीवन से जुड़े अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनका जन्म एक साधारण किसान परिवार में हुआ। बचपन में ही पिता का साया उठ जाने के बाद उन्होंने अपनी माता को अनेक कठिनाइयों के बीच परिवार को संभालते और खेती-बाड़ी करते हुए देखा। उनकी माता ने कठिन परिस्थितियों में भी बच्चों की शिक्षा और संस्कारों में कोई कमी नहीं आने दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां के संघर्ष, सेवाभाव, सनातन मूल्यों के प्रति आस्था और परिवार के प्रति समर्पण ने उनके व्यक्तित्व को गहराई से प्रभावित किया। जनसेवा और जरूरतमंद के प्रति संवेदनशीलता की प्रेरणा उन्हें अपने परिवार और विशेष रूप से अपनी माता से मिली। आज मुख्यमंत्री के रूप में दायित्व निभाते हुए भी वे उन्हीं संस्कारों को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।

महतारी वंदन ने बढ़ाया महिलाओं का आत्मविश्वास और आर्थिक स्वावलंबन

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की माताओं-बहनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। योजना के अंतर्गत 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक 32 किस्तों में 20 हजार 700 करोड़ रुपए से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में सीधे अंतरित की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता की योजना नहीं है। इस राशि ने महिलाओं को अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए आर्थिक स्वतंत्रता देने के साथ परिवार की निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी और आत्मविश्वास को भी मजबूत किया है। महिलाएं इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों, पोषण, घरेलू आवश्यकताओं और बचत जैसे कार्यों में कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि योजना की पात्र कोई भी महिला इसके लाभ से वंचित न रहे। तकनीकी कारणों, दस्तावेजों, आधार अथवा बैंक खाते से जुड़ी त्रुटियों के कारण जिन पात्र महिलाओं को लाभ नहीं मिल पाया है, उनके प्रकरणों का परीक्षण कर आवश्यक समाधान किया जा रहा है।