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कोरिया के 84 बालिका विद्यालयों में बनेंगे आधुनिक शौचालय, छात्राओं को मिलेगा सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण

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ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में कोरिया जिले में महत्वपूर्ण पहल की गई है। विकसित भारत जीरामजी योजना के तहत जिले के 84 बालिका विद्यालयों’’ में नए शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। इन कार्यों के लिए 3 करोड़ 61 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है और संबंधित ग्राम पंचायतों के माध्यम से निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं।

कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के निर्देशानुसार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने बालिका विद्यालयों में स्वच्छता अधोसंरचना को प्राथमिकता देते हुए यह पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य छात्राओं को विद्यालय परिसर में सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे बेहतर वातावरण में निर्बाध रूप से अध्ययन कर सकें।

शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर बनी कार्ययोजना
बालिका विद्यालयों में शौचालयों की आवश्यकता का आकलन शिक्षा विभाग से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर किया गया। इसके बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की मैदानी टीम ने स्थलों का निरीक्षण कर तकनीकी परीक्षण किया। मानक प्राक्कलन के अनुरूप 84 विद्यालयों में शौचालय निर्माण की स्वीकृति दी गई तथा संबंधित ग्राम पंचायतों को निर्माण एजेंसी बनाया गया है।

प्रत्येक शौचालय के लिए 4.30 लाख रुपये की स्वीकृति

जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री योगेन्द्र श्रीवास ने बताया कि प्रत्येक शौचालय निर्माण के लिए लगभग 4.30 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें 59 हजार रुपये मजदूरी तथा 3.71 लाख रुपये सामग्री मद के लिए निर्धारित हैं। सभी निर्माण कार्य आगामी चार माह में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और शिक्षा से जुड़ी है यह पहल

कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कहा कि विद्यालयों में बालिकाओं के लिए स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि बालिकाओं के सम्मान, स्वास्थ्य और सुरक्षा से भी सीधे जुड़ी है। विद्यालयों में पानी की उपलब्धता के साथ गुणवत्तापूर्ण शौचालय बनने से छात्राओं को बेहतर वातावरण मिलेगा, उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ेगी और पढ़ाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत जीरामजी योजना के माध्यम से जिले में ऐसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जो शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ बालिकाओं के सशक्तीकरण और गरिमापूर्ण शैक्षणिक वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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