Home अन्य रुद्री में साकार होगा आस्था और आधुनिकता का अद्भुत संगम

रुद्री में साकार होगा आस्था और आधुनिकता का अद्भुत संगम

43
0

20 करोड़ से बनेगा भव्य रुद्रेश्वर धाम कॉरिडोर

रायपुर, धमतरी शहर से लगे रुद्री स्थित प्राचीन रुद्रेश्वर महादेव मंदिर अब केवल एक धार्मिक स्थल भर नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में यह प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक पर्यटन का नया केंद्र बनकर उभरेगा। लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित रुद्रेश्वर धाम कॉरिडोर परियोजना के माध्यम से मंदिर परिसर का समग्र विकास किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को भारत सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से तीन चरणों में विकसित करने की योजना तैयार की गई है।

विशेष बात यह है कि पूरे विकास कार्य में मंदिर की मूल संरचना और उसकी आध्यात्मिक गरिमा को अक्षुण्ण रखा जाएगा। बिना किसी बड़े विध्वंस या संरचनात्मक क्षति के मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं और पारंपरिक भारतीय स्थापत्य शैली के समन्वय से नया स्वरूप दिया जाएगा। प्रस्तावित डिजाइन में शिखर, त्रिशूल, ओम् प्रतीक, तोरण द्वार, अलंकृत स्तंभ, नंदी प्रतिमा, दीप स्तंभ और जाली कार्य जैसे पारंपरिक तत्व शामिल किए गए हैं। प्राकृतिक सैंडस्टोन क्लैडिंग और पत्थर आधारित फिनिश मंदिर परिसर को भव्य, आकर्षक और कालातीत स्वरूप प्रदान करेंगे।

परियोजना का उद्देश्य केवल मंदिर सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है। इसके तहत चौड़े पैदल मार्ग, सुव्यवस्थित प्रवेश और निकास द्वार, परिक्रमा पथ, घाट, मंडप और सार्वजनिक उपयोग के क्षेत्रों का सुनियोजित विकास किया जाएगा। परिसर में डिजिटल सूचना स्क्रीन, प्रसाद एवं स्मृति चिन्ह दुकानें, फूड कोर्ट, विश्राम क्षेत्र, शिशु आहार कक्ष, भुगतान आधारित स्वच्छ शौचालय और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित होंगी। आधुनिक तकनीक के उपयोग के तहत एआई आधारित हेल्थ चेकअप कियोस्क भी स्थापित किए जाएंगे। वृद्धजनों और दिव्यांगजनों के लिए रैम्प आधारित बाधारहित आवागमन व्यवस्था परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।

घाट क्षेत्र को भी विशेष रूप से विकसित किया जाएगा। यहां रेलिंग युक्त विसर्जन कुंड, सुरक्षित सीढ़ियां और श्रद्धालुओं के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी, ताकि धार्मिक गतिविधियां सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सकें। इसके अलावा गार्डन, सांस्कृतिक मंडप, खुला मंच, रिवर फ्रंट कॉटेज और भविष्य में विकसित होने वाली मेरीन ड्राइव जैसी अवधारणाएं इस परियोजना को धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक और पारिवारिक पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बनाएंगी।

पूरे लेआउट को वास्तु सिद्धांतों, प्राकृतिक वेंटिलेशन, खुले प्रांगण और श्रद्धालुओं की क्रमिक आध्यात्मिक यात्रा की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। डिजाइन में सोमनाथ मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और जगन्नाथ मंदिर की स्थापत्य अवधारणाओं से प्रेरणा ली गई है।

पर्यावरण संरक्षण को भी परियोजना का अहम हिस्सा बनाया गया है। इसके तहत सौर ऊर्जा आधारित पार्किंग शेड, ईवी चार्जिंग स्टेशन, वर्षा जल संचयन, प्राकृतिक प्रकाश और वायु संचार आधारित डिजाइन, हरित क्षेत्र विकास तथा वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं प्रस्तावित हैं। स्थानीय और टिकाऊ निर्माण सामग्री के उपयोग से पर्यावरणीय प्रभाव कम करने के साथ स्थानीय कारीगरों और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।

कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के अनुसार यह परियोजना केवल अधोसंरचना निर्माण नहीं, बल्कि धमतरी की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं को नई पहचान देने वाला प्रयास है। आने वाले समय में रुद्रेश्वर धाम प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्रों में शामिल होगा।

Previous articleमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की घोषणा का त्वरित असर: कोसरंगी की दीदियों को मिली 50 निःशुल्क सिलाई मशीनें
Next articleA day after CM Shri Vishnu Deo Sai’s announcement, promise of 50 free-of-cost sewing machines fulfilled in Arang’s Kosrangi