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हरिकोटा से लौटे बच्चों ने मुख्यमंत्री को सुनाए अंतरिक्ष विज्ञान के रोमांचक अनुभव

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सुशासन तिहार शिविर में प्रतिभाओं का सम्मान, राष्ट्रीय खिलाड़ियों और विद्यार्थियों को मिली मुख्यमंत्री की सराहना

वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर,/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों और युवा खिलाड़ियों की उपलब्धियों का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, खेल और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में पांच विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। वहीं विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के पांच राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

हरिकोटा भ्रमण से बढ़ा बच्चों का आत्मविश्वास और वैज्ञानिक दृष्टिकोण

कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक क्षण तब रहा जब पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय फरसगांव एवं विश्रामपुरी के विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने हरिकोटा शैक्षणिक भ्रमण के अनुभव साझा किए।

विद्यार्थियों ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, हरिकोटा में देखी गई वैज्ञानिक गतिविधियों, रॉकेट प्रक्षेपण प्रणाली, अंतरिक्ष अनुसंधान की प्रक्रियाओं तथा आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्रस्तुत की। बच्चों ने बताया कि इस भ्रमण ने उनके भीतर विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति नई जिज्ञासा और उत्साह का संचार किया है।

बच्चों के सपनों को नई उड़ान दे रहे हैं शैक्षणिक भ्रमण

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण बच्चों को किताबों से बाहर निकलकर वास्तविक दुनिया में सीखने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे उनमें वैज्ञानिक सोच, नवाचार की भावना और बड़े लक्ष्य हासिल करने का आत्मविश्वास विकसित होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों को भी देश के प्रमुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक संस्थानों को देखने और समझने का अवसर मिले, ताकि वे अपने सपनों को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को निरंतर अध्ययन, नवाचार और ज्ञानार्जन के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आज के बच्चे ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला हैं।

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